पटना में पोस्टर बार, जदयू के पोस्टर पर सोसल मिडिया में उड़ाया उपहास, राजद ने किया पलटवार...
सोसल मिडिया पर जदयू के पोस्टर के साथ छेड़छाड़ करके बिहार की जनता अपने अपने तरीके से जबाब दे रही है। " क्यों करें विचार ठीके तो है नीतीश कुमार " बाले स्लोगन के जगह पर लिखा गया है। " हो चुका है विचार देंगें उखाड़ कही के नही रहेंगे नीतीश कुमार " इससे यही लगता है कि नीतीश कुमार का कार्यकाल बिहार की जनता को रास नही आ रहा है।
आपको बताते चले कि पटना में जदयू कार्यालय के बाहर बड़ा सा होर्डिंग लगाया गया है, जिसमे नीतीश कुमार के फोटो के साथ ग्रामीण भाषा में एक स्लोगन लिखा हुआ है। " क्यों करें विचार ठीके तो है नीतीश कुमार " इसका अर्थ जनता अपने अपने तरीके से निकाल रहा है। वही इस पर जदयू का कहना है कि जब बिहार में नीतीश कुमार जैसा बेहतरीन नेता हैं तो दूसरों के बारे में क्यों करें विचार।
राजद ने इस स्लोगन का अर्थ अपने तरीके से बताया है की जब हमसे कोई हाल चाल पूछता है तो यू कह देते है की "ठीके है" मतलब गड़बड़ भी रहता है तो बोलना पड़ता है कि ठीके है। या कोई विकल्प नही रहता है तो बोलते है ठीके है। साथ ही राजद ने भी पलटवार करते हुए पोस्टर जारी किया जिसमे लिखा गया है " क्यो न करें बिचार बिहार जो है बीमार " और उसमे चमकी बुखार तथा बाढ़ से परेशान जनता का फोटो दर्शाया गया है।
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| सोसल मिडिया |
आपको बताते चले कि पटना में जदयू कार्यालय के बाहर बड़ा सा होर्डिंग लगाया गया है, जिसमे नीतीश कुमार के फोटो के साथ ग्रामीण भाषा में एक स्लोगन लिखा हुआ है। " क्यों करें विचार ठीके तो है नीतीश कुमार " इसका अर्थ जनता अपने अपने तरीके से निकाल रहा है। वही इस पर जदयू का कहना है कि जब बिहार में नीतीश कुमार जैसा बेहतरीन नेता हैं तो दूसरों के बारे में क्यों करें विचार।
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| जदयू |
राजद ने इस स्लोगन का अर्थ अपने तरीके से बताया है की जब हमसे कोई हाल चाल पूछता है तो यू कह देते है की "ठीके है" मतलब गड़बड़ भी रहता है तो बोलना पड़ता है कि ठीके है। या कोई विकल्प नही रहता है तो बोलते है ठीके है। साथ ही राजद ने भी पलटवार करते हुए पोस्टर जारी किया जिसमे लिखा गया है " क्यो न करें बिचार बिहार जो है बीमार " और उसमे चमकी बुखार तथा बाढ़ से परेशान जनता का फोटो दर्शाया गया है।
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| राजद |



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